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समस्तीपुर मंडल कारा में कैदी के पास से मोबाइल बरामद, जेल सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

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इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विचाराधीन कैदी के पास मोबाइल फोन और डाटा केबल का मिलना यह दर्शाता है कि निगरानी में कहीं कमी रही। प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहकर त्वरित और पारदर्शी कार्रवाई करनी होगी, ताकि ऐसी चूक भविष्य में न हो और जेल की सुरक्षा और नियंत्रण मजबूत बना रहे।

समस्तीपुर: मंडल कारा में शुक्रवार को एक विचाराधीन कैदी के पास से मोबाइल फोन और डाटा केबल बरामद होने से जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया। यह घटना उस समय सामने आई जब कैदी कोर्ट से पेशी के बाद वापस मंडल कारा लाया गया। नियम के अनुसार प्रवेश से पूर्व उसकी तलाशी ली गई, तब कैदी अंकित कुमार, निवासी जितवारपुर, के पास से एक छोटा मोबाइल फोन और डाटा केबल पाए गए।

जेल प्रशासन ने तुरंत मामले की जानकारी मुफस्सिल थाना को दी, और थानाध्यक्ष अजित प्रसाद सिंह के निर्देशन में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई। पुलिस इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि मोबाइल जेल के भीतर कैसे पहुंचा और इसमें किन लोगों की संलिप्तता हो सकती है।

प्रभारी उपाधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने बताया कि पूछताछ के दौरान कैदी ने स्वीकार किया कि कोर्ट में पेशी के दौरान उसका भाई विकास ने उसे मोबाइल और डाटा केबल उपलब्ध कराई थी। जेल प्रशासन ने बरामद उपकरणों की फोटोग्राफी कर जब्त कर ली है।

जेल प्रशासन और पुलिस का कहना है कि मामले की पूरी जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने जेल सुरक्षा व्यवस्था की सख्ती और निगरानी पर सवाल भी खड़े कर दिए हैं।

यह घटना समस्तीपुर के जेल प्रशासन के लिए चेतावनी के रूप में देखी जा रही है कि विचाराधीन कैदियों के संपर्क और उपकरणों पर विशेष निगरानी आवश्यक है।

समस्तीपुर मंडल कारा में मोबाइल फोन और डाटा केबल बरामदगी की यह घटना केवल एक अलगाववादी मामला नहीं है, बल्कि जेल सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करती है। विचाराधीन कैदी के पास मोबाइल पहुंचना यह संकेत देता है कि सुरक्षा प्रक्रियाओं में कहीं न कहीं कमज़ोरी है। ऐसे मामलों में जेल प्रशासन और पुलिस को सतर्क रहना आवश्यक है, ताकि न केवल कैदियों की निगरानी सुनिश्चित हो बल्कि अपराध और संचार संबंधी संभावित जोखिम भी कम किए जा सकें। यह घटना प्रशासन को याद दिलाती है कि नियमों का पालन, त्वरित जांच और पारदर्शिता ही जेल सुरक्षा की मजबूत नींव है।

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